हिदु हिंदू का दूशमन नम्बर बन
Contributed By - शिव
इतिहास गबहा है कि हिंदू हिंदू का हि दुस्मन है आज अगर ऐसा ना होता तो हमारी कौम इतनी कमजोर ना होती अपने हि देश में हम बहुसंख्यक होते हुए भी हर बात के लिए प्रताडीत नही होते आज अगर हिंदू एक दुसरे कि टाँग ना खेच कर एक होते तो क्या यह नेता हमारी हर बात को नही सुनते हमारे भी धर्म् स्थलों कि कद्र होती हमारे धर्म को इस तरह बेकद्रि नई सहनी पड़ती सबसे बड़ी बात है कि हम हिंदू सिर्फ़ अपने बारे में हि सोचटाई है अपनी कौम के बारे में नही इसलिए अपने देश में हि हमारी कोई औकात नही है
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